खून तो अब खौल उठा है....
जब चेहरे की मुस्कान खून की आँसुओं में बदली हैं, खून तो भारतवासियों का तब खौलना हैं... जब वार पिछे से किया है तब अंजाम तो अब तुम्हे भुगतना है, क्यो की खून तो अब खौल उठा है.... उस देश से तुम्हारा पाला पडा है जिससे जिंदा बचना अब तुम्हारा नामुमकिन है, क्यो की खून तो अब खौल उठा है.... जब गीदड़, भेड़िये औकात लगे दिखाने तो सिंह को अब दहाड़ना है, क्यो की खून तो अब खौल उठा है.... रक्त के एक एक बूंद का बदला अब एक एक काफ़िलो से लेना है इन आदमखोर दरिंदो का सर्वनाश तो होना ही हैं, क्यो की खून तो अब खौल उठा है.... समझौता तो अब होगा नही, खामोशी भी आग बनी हैं दुनिया से तो अब वो उठणे हैं, आतांकी हमले जिन्होंने किये हैं, क्यो की खून तो अब खौल उठा है.... -©प्रियंका पठाडे